राजा ब्रह्मदत्त और पाटलिपुत्र की जादुई कथा
कल्पना कीजिए: रात का अंधेरा और आकाश में उड़ते दो हंस—सुनहरी चमक लिए, जैसे अचानक आकाश में बिजली चमक रही हो, और उनके चारों ओर सैकड़ों सफेद हंस बादलों में खो गए हों।
राजा ब्रह्मदत्त, बनारस का शासक, इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। उनके लिए राजसी भोग और महलों का आनंद फीका पड़ गया। उन्होंने अपने मंत्रियों से सलाह ली और अपने स्वप्नानुसार एक तालाब बनवाया। कुछ ही समय में हंस तालाब में टिक गए। राजा ने उनसे पूछा कि उनके पंख सोने जैसे क्यों चमकते हैं।
हंस बोले:
"पूर्व जन्म में हम कौवे थे। शिव के पवित्र मंदिर में भोग के लिए झगड़ा करते हुए हम मरे, और अब सुनहरे हंस बनकर जन्मे हैं। यह हमारी पिछली ज़िंदगी की याद है।"
राजा के चेहरे पर संतोष और अद्भुत आनंद झलकने लगा।
पुत्रक और ब्राह्मणों का पुनर्मिलन
यज्ञदत्त ने पुत्रक को मार्गदर्शन दिया कि इस अनूठी शक्ति से अपने पिता और चाचाओं को पुनः सुरक्षित जीवन में लौटाया जा सकता है। पुत्रक ने वही किया। परिवार फिर से reunited हुआ और धन और सम्मान प्राप्त हुआ।
लेकिन, अज्ञान और लालच ने फिर से अंधापन पैदा किया। पिता और चाचाओं ने राजसत्ता पाने की लालसा में पुत्रक को मारने की साजिश रची। उन्होंने उसे दुर्गा मंदिर यात्रा के बहाने फँसाया और मंदिर में घातक रक्षक नियुक्त किए।
पुत्रक ने शांतिपूर्ण और स्मार्ट ढंग से घातकों को समझाया:
"यदि आप मुझे नहीं मारेंगे, तो मैं यह अनमोल आभूषण दे दूँगा।"
घातक आभूषण लेकर चले गए और पिता व चाचाओं को झूठा समाचार दे दिया कि पुत्रक मारा गया।
विंध्य पर्वत में जादुई खोज और शहर आकर्षिका
पुत्रक विंध्य पर्वत के घने जंगलों में गया। वहाँ उसने दो नायकों को कुश्ती करते देखा। उनके पास जादुई जूते, बर्तन और छड़ी थीं। ये नायकों की शक्ति और दौड़ का खेल था।
पुत्रक ने समझदारी दिखाई: "लड़ाई क्यों? दौड़ में विजेता ही इन शक्तिशाली वस्तुओं का अधिकारी बने।"
जादुई जूते पहनकर पुत्रक हवा में उड़ गया, बर्तन और छड़ी साथ ले गया, और नीचे उसने सुंदर शहर आकर्षिका देखा।
वहाँ एक अकेली वृद्ध महिला के घर पहुँचा। महिला ने उसे बताया कि राजा की पुत्री पातली सुरक्षित रखी गई है, जैसे कोई कीमती रत्न।
पुत्रक और पातली का रोमांचक प्रेम
रात का चाँदनी और जादुई जूते—पुत्रक पातली के पास पहुँचा। खिड़की से उसने उसे देखा—सोती हुई, चाँदनी में नहाई, जैसे प्रेम का प्रत्यक्ष रूप।
भगवान प्रेम ने पुत्रक के हृदय में प्रवेश किया। उसने पातली को गले लगाया और गंधर्व विवाह संपन्न किया। दोनों का प्रेम रात भर बढ़ता गया।
पुत्रक ने जादुई छड़ी से एक शक्तिशाली शहर बनाया और वहाँ राजा की तरह शासन स्थापित किया। अपने ससुर को वश में कर पूरे समुद्र से घिरे राज्य का स्वामी बना।
यही वह पाटलिपुत्र नगर है, जो जादू और शक्ति से उत्पन्न हुआ, और आज भी धन, शिक्षा और विद्या का केंद्र माना जाता है।
कहानी सुनकर कानभूति का मन अद्भुत आश्चर्य और रोमांच से भर गया।
✨ Modern Twist & Takeaways
- Smartness > Brute Force: पुत्रक ने लड़ाई की बजाय जादू और बुद्धि का इस्तेमाल किया।
- Love & Strategy: रोमांचक प्रेम कहानी के साथ, रणनीति भी साथ में चली।
- Magic Meets Reality: जादुई तत्व + मानवीय बुद्धि = ultimate storytelling.

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